सामग्री पर जैथिन

गया

विकिपीडिया से
गया
नगर
गयाजी
गयाके विष्णुपद मन्दिर, जेकरामे विष्णुजी के चरणचिन्ह होवेके मान्यता हे
गयाके विष्णुपद मन्दिर, जेकरामे विष्णुजी के चरणचिन्ह होवेके मान्यता हे
गया बिहारपर अवस्थित
गया
गया
बिहारमे स्थिति
निर्देशाङ्क: 24°45′N 85°01′E / 24.75°N 85.01°E / 24.75; 85.01निर्देशाङ्क: 24°45′N 85°01′E / 24.75°N 85.01°E / 24.75; 85.01
जिलागया जिला
राज्यबिहार
देश भारत
जनसङ्ख्या
 (2011)
  कुल४,७०,८३९
जनसाङ्ख्यिकी
  प्रचलितमगही
  लिङ्गानुपात83.67
पिनकोड
823001 - 13
दूरभाषकोड91-631
वाहन पञ्जीकरणBR 02
रेल स्थानकगया जङ्क्शन
विमानस्थलगया अन्तर्राष्ट्रिय विमानस्थल
जालस्थलwww.gaya.bih.nic.in
बोधगयाके महाबोधि मन्दिर

गया वा गयाजी भारतके बिहार राज्यके गया जिलामे स्थित एगो नगर हे । ई जिलाके मुख्यालय आउ बिहार राज्यके दोसरा सबसे बड़का नगर हे । ई नगरके हिन्दु, बौद्ध आउ जैनधर्ममे गहरा ऐतिहासिक महत्व हे । नगरके उल्लेख रामायण आउ महाभारतमे मिलहे । गया तीन दन्नेसे छोट आउ पत्थरीला पहाड़से घिरल हे, जिनखर नाम मङ्गलागौरी, शृङ्गस्थान, रामशिला आउ ब्रह्मयोनि हे । नगरके पूरुदन्ने फल्गू नदी बहहे ।

बैदिक कीकटप्रदेशके धर्मारण्यक्षेत्रमे स्थापित नगरी हे गया । बनारस नियन गयाके प्रसिद्धि मुख्यरूपसे एगो धार्मिक नगरीके रूपमे हे । पितृपक्षके अवसर पर हियाँ हजारोसभ श्रद्धालु पिण्डदानला जुटहथिन ।[][] गया सड़क, रेल आउ वायुमार्ग द्वारा पूरा भारतसे जुड़ल हे । नवनिर्मित गया अन्तर्राष्ट्रिय बिमानस्थल द्वारा ई थाइलैण्डोसे सीधा जुड़ल हे । गयासे १३ किलोमीटरके दूरी पर बोधगया स्थित हे जे बौद्ध तीर्थस्थल हे आउ हियेँ बोधिवृक्ष तले भगवान् बुद्धके ज्ञान प्राप्ति होलैहल ।

गया बिहारके महत्वपूर्ण तीर्थस्थानमे से एक हे ।[] ई नगर बिशेषकरके हिन्दु तीर्थजातरी लागि बड्डी प्रसिद्ध हे । हियाँके विष्णुपद मन्दिर पर्यटकके बीच लोकप्रिय हे ।[] पुराणके अनुसार भगवान् विष्णुके पाँवके निशानपर ई मन्दिरके निर्माण करावल गेलहे । हिन्दुधरममे ई मन्दिरके अहम स्थान प्राप्त हे । गया पितृदानो लागि प्रसिद्ध हे । कहल जाहे कि हियाँ फल्गुनदी तटे पिण्डदान करेसे मृतव्यक्तिके बैकुण्ठके प्राप्ति होवहे ।

गया, मध्यबिहारके एगो महत्वपूर्ण नगर हे, जे फल्गुनदी तटे स्थित हे । ई बोधगयासे १३ किलोमीटर् उत्तर आउ राजधानी पटनासे १०० किलोमीटर् दक्खिनदन्ने स्थित हे । हिँयाके मौसम मिललजुलल हे । गरमी दिने हिँया बड्डी गरमी पड़हे आउ जाड़ा दिने औसत जाड़ा होवहे । मानसूनोके हियाँके मौसमपर व्यापक असर होवहे । किन्तु बर्षाऋतुमे हियाँके दृश्य बड्डी रोचक होवहे ।

कहल जाहे कि गयासुर नामक दैत्यके बध करित समय भगवान् विष्णुके पदचिन्ह हिँया पड़लहल जे आझो विष्णुपद मन्दिरमे देखल जा सकहे । मुक्तिधामके रूपमे प्रसिद्ध गया (तीर्थ) के खाली गया न कहके आदरपूर्वक 'गयाजी' कहल जाहे ।

गयाके उल्लेख महाकाव्य रामायणो मे मिलहे । गया मौर्यकालमे एगो महत्वपूर्ण नगर हल । खुदाई खन्नि सम्राट अशोकसे सम्बन्धित आदेशपत्र पाएल गेलीहे । मध्यकालमे बिहार मुगल साम्राज्यके अधीन हल । मुगलकालके पतन उपरान्त गयापर अङ्ग्रेज राज करकै । १७८७ मे होल्कर वंशके (बुन्देलखण्डके) साम्राज्ञी महारानी अहिल्याबाई विष्णुपद मन्दिरके पुनर्निर्माण करवैलकैहल । मेगास्थनीजके इण्डिका, फाह्यान आउ ह्वेनसाङ्ग के जतरा बर्णनमे गयाके एगो समृद्ध धर्मक्षेत्रके रूपमे बर्णन हे ।[]

बिहार आउ झारखण्डके एकमात्र अन्तर्राष्ट्रिय बिमानस्थल गया विमानस्थल हे ।

गया जङ्कशन बिहारके दोसरा बड़का रेलवे स्थानक हे । ई एगो बिशाल परिसरमे स्थित हे जेकरामे ९ प्लेटफार्म हे । गयासे पटना, राँची ,कलकता, धनबाद, पुरी, बनारस, चेन्नै, मुम्बई, नया दिल्ली, नागपुर, गुवाहाटी, जयपुर, अजमेर शरीफ, हरिद्वार, ऋषिकेश, जम्मूतवी आदि लागि सीधा ट्रेन हे ।

गयासे राजधानी पटना आउ राजगीर, राँची, धनबाद, बनारस आदि लागि बस जाहे । गयामे दुगो बस स्टेण्ड हे ।

उच्चशिक्षाके उल्लेखनीय सन्स्थान

[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]
  • क्रेन मेमोरियल उच्चविद्यालय, कटारी हिल रोड, गया
  • केन्द्रीय विद्यालय नम्बर २, ओटीए, पहाड़पुर कैण्ट, गया
  • ज्ञानभारती आवासीय परिसर, बोधगया
  • डी॰ए॰वी॰ पब्लिक स्कूल, कैण्टक्षेत्र, गया
  • डी॰ए॰वी॰ पब्लिक् स्कूल, मानपुर, कैया
  • डी॰ए॰वी॰ पब्लिक स्कूल, सीआर आरसी, मेडिकल रोड, गया
  • दिल्ली पब्लिक स्कूल, दुबहल, गया
  • नाजरथ अकादमी, गया
  • पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय नम्बर १ , गया
  • हंसराज पब्लिक स्कूल, कैण्टक्षेत्र, खराण्टी, गया
  1. "पितरों के लिए गया". Dainik Jagran. Archived from the original on 2 मार्च 2019. Retrieved 1 मार्च 2019.
  2. "संग्रहीत प्रति". Archived from the original on 8 दिसम्बर 2014. Retrieved 7 दिसम्बर 2014.
  3. "बिहार की यात्रा का नक्शा | बिहार की यात्रा - पर्यटन, गंतव्य, होटल, परिवहन". Archived from the original on 2 मार्च 2019. Retrieved 1 मार्च 2019.
  4. "सुबोध कुमार नंदन का आलेख- महातीर्थ गया". www.abhivyakti-hindi.org. Archived from the original on 11 मार्च 2019. Retrieved 1 मार्च 2019.
  5. Antiquarian remains of Bihar, Rangnath Ramchandra Diwakar, Motilal Banarsi Das Press, P. no.162