झारखण्ड
झारखण्ड पूरुब भारतके एगो राज्य हे । ई राज्य पूरुदन्ने पच्छिमबङ्गाल, पच्छिदन्ने छत्तीसगढ़, उत्तरपच्छिदन्ने उत्तरप्रदेश, उत्तरदन्ने बिहार आउ दक्खिनदन्ने ओड़िशासे अपन सीमा साझा करहे । एकर क्षेत्रफल ७९,७१६ वर्ग किमी हे । ई क्षेत्रफलके अनुसार १५मा सबसे बड़का आउ जनसङ्ख्याके अनुसार १४मा सबसे बड़का राज्य हे । हिन्दी राज्यके राजभाषा हे । राँची नगर एकर राजधानी हे आउ दुमका एकर उपराजधानी हे । राज्य अपन झरना, पहाड़ी आउ पवित्र स्थानला जानल जाहे; बैद्यनाथधाम, पारसनाथ, देउड़ी आउ रजरप्पा प्रमुख धार्मिकस्थल हे । राज्यके गठन १५ नवम्बर २००० के कैल गेलै हल, जे पहिलेके बिहारके दक्खिनी आधा भागके तरासके बनावल गेलीहल । ई प्रदेशके अन्य बड़ नगरमे धनबाद, बोकारो एवं जमशेदपुर शामिल है ।[६]
झारखण्डके कखनियो-कखनियो संसाधन अभिसाप कहल जाहे - एकरा जूगुन भारतके खनिज संसाधनके ४०% से बेसी भाग हे, तैयो एकर ३९.१% जनसङ्ख्या गरीबी रेखासे नीचे हे आउ पाँच बरिससे कम आयुके १९.६% बच्चा कुपोसित हे । झारखण्ड मुखरूपसे देहाती हे, एकर लगभग २४% जनसङ्ख्या नगरमे रहहे । ई आर्थिक बिकासके मामलामे अग्रनी राज्यमेसे एक हे । २०१७-१८मे, राज्यके जीडीपी विकासदर १०.२२% हलै ।
नामोत्पति
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]विभिन्न भारतीय भाषा सबमे "झार" शब्दके अर्थ 'वन' आऊ "खण्ड" के अर्थ 'भूमि' होबऽहै । ई प्रकार "झारखण्ड" के अर्थ वन भूमि है ।[७]
प्राचीनकाले महाभारतमे कर्क रेखाके पास स्थित होबेके चलते ई क्षेत्रके कर्कखण्ड कहल गेलै हल । मध्यकाले ई क्षेत्रके झारखण्डके नामसे जानल जा हलै । भविष्य पुराण (१२०० ई) के अनुसार झारखण्ड सात पुण्ड्र देशमे से एगो हलै । ई नाम पहिला बेर पूर्वी गङ्गा राजवंशके नरसिंह देव द्वितीयके शासनकाल खनि ओड़िशा क्षेत्रके केन्द्रपाड़ामे १३मा शताब्दीके ताम्बाके थारी पर पाएल गेलै हल । बैधनाथ धामसे पुरी तकके वन भूमिके झारखण्ड कहल जा हलै । अकबरनामामे पूरबमे पञ्चेतसे लेके पच्छिममे रतनपुर, उत्तरमे रोहतासगढ़ आउ दक्षिणमे ओड़िशाके सीमा तकके क्षेत्रके झारखण्ड कहल जा हलै ।[८][९]
इतिहास
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]प्राचीन काल
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]ई क्षेत्र मध्यपाषाण-ताम्रपाषाण कालेसे बसल है, जैसन कि ढेर प्राचीन गुफाचित्रसे पता चलऽ है ।[१०][११][१२] छोटानागपुर पठार क्षेत्रसे पत्थरके औजार मिललै हे जे मध्यपाषाण काल आउ नवपाषाण कालके है ।[१०] हजारीबाग जिलाके इस्को मे प्राचीन गुफा चित्र है जे मेसो-चालकोलिथिक काल (९०००–५००० ईसा पूर्व) के है । दुसरा सहस्राब्दी ईसा पूर्वके घड़ी छोटानागपुर पठारमे ताम्बाके औजारके प्रयोग फैल गेलै आउ ई सब पुरातात्विक स्थलके 'ताम्र सञ्चय संस्कृति' के नामसे जानल जा है ।[१३] पलामू जिलामे सोन आउ उत्तरी कोयल नदीके सङ्गम पर स्थित काबरा-कला टीलासे विभिन्न पुरावशेष आउ कलाकृति सब प्राप्त होलै हे जे नवपाषाण कालसे लेके मध्यकाल तकके है । एकर अलावा एहाँसे लाल मृद्भाण्ड, करिया आउ लाल मृद्भाण्ड, करिया मृद्भाण्ड, करिया लेप वाला मृद्भाण्ड आउ एनबिपि मृद्भाण्डके टुकड़ो मिललै हे जे ताम्रपाषाण कालसे लेके उत्तर-मध्यकाल तकके है ।[१४] सिंहभूम जिलासे लोहाके ढेर अवशेष, सूक्ष्म पाषाण आउ मट्टीके बर्तनके टुकड़ा मिललै हे जे कार्बन डेटिङ्गके अनुसार १४०० ईसा पूर्वके है ।[१२] प्राचीन कालमे ई क्षेत्र पर ढेर साम्राज्य आउ राजवंशके शासन रहलै जेकरामे नन्द, मौर्य आउ गुप्त सम्मिलित है ।
महाभारतमे कर्क रेखाके निकट स्थित होबेके चलते ई क्षेत्रके 'कर्क खण्ड' कहल गेलै हे ।[१५] लगभग ५०० ईसा पूर्व महाजनपदके कालमे झारखण्ड राज्य मगध आउ अङ्गके भाग हलै ।[१६] मौर्य कालमे ई क्षेत्र पर अनेक राज्यके शासन हलै जेकरा सामूहिक रूपसे 'आटविक' (वन) राज्यके नामसे जानल जा हलै । अशोकके शासनकाल (लगभग २३२ ईसा पूर्व) खनि ई सब राज्यके अधीन कर लेल गेलै आउ एकरा सबके मौर्य साम्राज्यके सर्वोच्चता स्वीकार करेला विवश कैल गेलै । सारिदकेल के प्राचीन स्थल पर जरल ईटाके घर, लाल रङ्गके मट्टीके बर्तन, ताम्बाके औजार, सिक्का आउ लोहाके औजार मिललै हे जे ईसवी वर्षके शुरुआती शताब्दीके है ।[१७] खूँटी जिलामे ब्राह्मी शिलालेख पाएल गेल है जे तीसरा शताब्दी ईसा पूर्वके है ।[१८] समुद्रगुप्त वर्तमान छोटानागपुर क्षेत्र (उत्तरी आउ दक्षिणी) से गुजरित महानदी घाटीमे स्थित दक्षिणा कोसल राज्य पर अपन पहिला आक्रमण कैलकै ।[१९]
सन्दर्भ
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]- ↑ "Jharkhand Profile 2011 Census" (PDF). महापञ्जीयक एवं जनगणना आयुक्त, भारत. Archived (PDF) from the original on 22 अप्रैल 2016. Retrieved 13 फरवरी 2017.
- ↑ "MOSPI Gross State Domestic Product". साङ्ख्यिकी आउ कार्यक्रम कार्यान्वयन मन्त्रालय, भारत सरकार. 1 मार्च 2019. Archived from the original on 17 जून 2019. Retrieved 9 जून 2019.
- ↑ "Report of the Commissioner for linguistic minorities: 52nd report (July 2014 to June 2015)" (PDF). भाषिक अल्पसङ्ख्यक आयुक्त, अल्पसङ्ख्यक कार्य मन्त्रालय, भारत सरकार. pp. 43–44. Archived from the original (PDF) on 15 नवम्बर 2016. Retrieved 16 फरवरी 2016.
- ↑ "Jharkhand gives second language status to Magahi, Angika, Bhojpuri and Maithili". The Avenue Mail. 21 मार्च 2018. Archived from the original on 28 मार्च 2019. Retrieved 30 अप्रैल 2019.
- ↑ "Jharkhand notifies Bhumij as second state language". The Avenue Mail. 5 जनवरी 2019. Retrieved 17 अप्रैल 2022.
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